भगवान शिव का भव्य मंदिर ....


आज के आधुनिक परिवेश में जीवन तेज और तनावपूर्ण हो गया है। परिवार बिखर रहे हैं, अलगाव का भाव बढ़ा है और आध्यात्मिक संतुलन की ख्वाहिश हर किसी को होती है। ऐसे समय में एक ऐसा केंद्र जिसका वजूद सिर्फ पूजा या धार्मिक गतिविधियों तक सीमित न होकर सृष्टि प्रेम, सेवा भाव और समुदाय की आत्मिक मजबूती को भी संजोता हो, अत्यंत आवश्यक हो गया है।

पुष्कर महादेव ट्रस्ट की यह योजना एक पांच एकड़ क्षेत्र में भगवान शिव का भव्य मंदिर की स्थापना करने की है, :


जिसमें हमारे त्रिदेव ब्रह्मा, विष्णु और महेश प्रतिकात्मक रूप में प्राण-प्रतिष्ठित होंगे। यह मंदिर पारंपरिक भारतीय वास्तुकला का जीता जागता उदाहरण होगा, जहां गर्भगृह, भव्य शिखर, मंडप परिसर और द्वार संगमरमर की बनावट और नक्काशी से सुशोभित होंगे। इससे न केवल मूर्तियों और इमारती संरचना का आकर्षण बनेगा, बल्कि यह आस्था और जान पहचान का केंद्र भी बनेगा।

मंदिर परिसर को शुद्ध और मन को शांति देने वाला वातावरण प्रदान करने के लिए चारों ओर बगीचे, फव्वारे और पुष्प उद्यान रखे जाएंगे। यह न केवल ताज़गी देगा बल्कि प्रदूषण नियंत्रण और हरित यूके का संचार भी सुनिश्चित करेगा। मंदिर परिसर में पशु सेवा केंद्र स्थापित किया जाएगा जहां घायलों या भूखे पशुओं की देखभाल की जाएगी और पक्षियों के लिए दाना-पानी व आश्रय व्यवस्था की जाएगी। इससे वास्तविक ‘सह–जीवन’ की भावना विकसित होगी।

मंदिर परिसर में निःशुल्क भोजनालय (अन्न क्षेत्र) की व्यवस्था रहेगी, जहाँ श्रद्धालुओं एवं स्थानीय जरूरतमंदों को गरिमापूर्ण तरीके से भोजन कराने व प्रसाद वितरण की सुविधा होगी ।

पूजा-अर्चना के समय नियमित आरती, रुद्राभिषेक, भोलेनाथ स्तोत्र पाठ और श्रावण सोमवार जैसे उत्सव आयोजित होंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु ऑनलाइन पूजा और आरती की व्यवस्था भी होगी ताकि दूर बैठे लोगों को भी भावपूर्ण जुड़ाव का अवसर मिल सके। मंदिर परिसर का उपयोग सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए भी होगा, जिसमें शास्त्रीय संगीत, नृत्य, योग शिविर, प्रवचन कार्यक्रम और शिक्षण शिविर दलों द्वारा आयोजित करेंगे। युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से जोड़ने के लिए प्रत्येक माह कोई न कोई विषय होगा।

इस तरह यह मंदिर केवल श्रद्धास्थल नहीं होगा बल्कि सेवा, प्रेम, कल्यात्मक अनुभव और सामाजिक समरसता का केंद्र बनेगा। यह समाज को एकजुट करने, आध्यात्मिक ऊर्जा से जोड़ने और पारिवारिक व सामुदायिक मूल्यों को पुनर्जीवित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


PMT land

पुष्कर महादेव ट्रस्ट

PMT vision

मुख्य विशेषताएँ:


1. वास्तुशिल्प :


• पारंपरिक शैली में गर्भगृह, शिखर, नंदी मंडप और प्रमुख द्वार।
• वास्तुकला में शांति और ऊर्जा का अद्वितीय संगम।

2. शिल्पकला


• मंदिर की दीवारों और स्तंभों पर शिव-पार्वती, गणेश, कार्तिकेय आदि की अद्भुत मूर्तियाँ।
• शिल्पकारों द्वारा हस्तनिर्मित जटिल नक्काशी।

3. प्राकृतिक सौंदर्य


• हरे-भरे बाग़, फव्वारे, कमल कुंड, ध्यान कक्ष और औषधीय पौधों का उद्यान।अद्भुत मूर्तियाँ।
• पर्यावरण और सौंदर्य का संतुलन।

4. धार्मिक अनुष्ठान और आध्यात्मिक सेवा


• रुद्राभिषेक, आरती, श्रावण विशेष पूजा, महाशिवरात्रि का भव्य आयोजन।।
• ऑनलाइन पूजा और आरती सेवा, ताकि देश-दुनिया के श्रद्धालु जुड़ सकें।

5. सांस्कृतिक केंद्र


• संगीत, नृत्य, कथावाचन, संस्कृत शाला और योग शिविरों का आयोजन।
• युवा पीढ़ी को भारतीय परंपरा और संस्कृति से जोड़ने का माध्यम।

•सहयोग और भागीदारी: यदि आप हमारे किसी भी सामाजिक कार्य में सहयोग करना चाहते हैं, चाहे वह दान के रूप में हो या स्वयंसेवा के रूप में, तो हम आपका हार्दिक स्वागत करते हैं।

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